UPTET Syllabus 2021

UPTET Syllabus 2021 & UPTET Exam Pattern 2021 In Hindi

UPTET Syllabus 2021: उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा बोर्ड द्वारा UPTET Notification 2021 जारी हो चुका है. UP TET के लिए आवेदन करने से पहले UP TET Eligibility, UPTET Last Date, UPTET Syllabus 2021 के बारे में जान लेना आवश्यक है. यूपीटीईटी सिलेबस के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां यहां पर दी जा रही है इन बिंदुओं पर ध्यान दें.

Table of Contents

UPTET Syllabus 2021 & UPTET Exam Pattern 2021 – Full Details

UPTET 2021 Eligibility & UPTET 2021 Important Dates

UPTET 2021 – Education Qualification

प्राथमिक स्तर के शिक्षक (कक्षा 1 से 5):

दो साल के बीटीसी / एसपीसीएल के साथ मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय / संस्थान से स्नातक की डिग्री रखने वाले उम्मीदवार। बीटीसी पर विचार किया जाएगा।

या

एनसीटीई / आरसीआई द्वारा अनुमोदित डी.एड (उपस्थिति / पूर्ण) में विशेष शिक्षा दो साल का डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवारों पर विचार किया जाएगा।

या

जिन उम्मीदवारों ने इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षा में 50% अंकों के साथ चार वर्षीय बीएलईडी पाठ्यक्रम (पूर्ण/अपीयरिंग) उत्तीर्ण किया है, उन पर विचार किया जाएगा।

जूनियर स्तर के शिक्षक (कक्षा 6 से 8):

एनसीटीई सर्टिफिकेट / दो साल के बीटीसी / एसपीसीएल के साथ स्नातक डिग्री रखने वाले उम्मीदवार। बीटीसी/एक वर्षीय बी.एड. (उपस्थिति/पूर्ण) पर विचार किया जाएगा।

या

50% अंकों के साथ ग्रेजुएशन / पोस्ट ग्रेजुएशन डिग्री रखने वाले उम्मीदवारों के साथ B.Ed/Spcl B.Ed/LT/या B.Ed के साथ 45% अंक होने चाहिए। (पूर्ण/अपीयरिंग) पर विचार किया जाएगा।

या

जिन उम्मीदवारों ने बीए / बीएससी.एड में चार वर्षीय पाठ्यक्रम के साथ 50% अंकों के साथ 50% अंकों के साथ इंटरमीडिएट स्तर की परीक्षा उत्तीर्ण की है। / बीए एड / चार वर्षीय बीए एलईडी ग्रेजुएशन कोर्स (अपियरिंग / पास) पर विचार किया जाएगा।

UPTET 2021 – Important Dates

  • UP TET 2021 Application Starting Date (प्रारंभ तिथि) – 07-अक्टूबर 2021
  • UP TET 2021 Last Date (अंतिम तिथि) – 25-अक्टूबर 2021
  • UP TET 2021 Fee Payment Last Date (शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि) – 25-अक्टूबर 2021 UP TET 2021 Last Date (अंतिम तिथि अनंतिम) – 27-अक्टूबर 2021
  • UP TET 2021 Admit Card (प्रवेश पत्र) – जल्द ही अधिसूचित
  • UP TET 2021 Exam Date (परीक्षा तिथि) – 28-नवंबर 2021
  • UP TET 2021 Result (परिणाम घोषणा) – 28-दिसंबर 2021

यूपीटीईटी की तैयारी कैसे करें? अक्सर यह सवाल पूछा जाता है, यूपी टीईटी की तैयारी करने के लिए आपको सही रननीति बनाकर पेपर पर लिखकर यूपीटीईटी पाठ्यक्रम तैयारी करना चाहिए, साथ ही UPTET Exam Pattern 2021 का अवलोकन भी कर लेना चाहिए। UP TET Syllabus 2021 के आधार पर पूछे जाने वाले विषय के बारे में पूरी जानकारी दी जा रही है.

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यूपीटीईटी परीक्षा में सफलता कैसे पाएं? इस सवाल का सिर्फ एक ही जवाब है कि UP TET Exam में सफलता पाने के लिए यूपीटीईटी सिलेबस 2021 तथा UP TET Exam Pattern के बारे में पूरी जानकारी लेकर ही क्रमबद्ध तरीका अपनाते हुए यूपीटीईटी के लिए तैयारी करनी चाहिए तभी सफलता मिल सकती है. इस परीक्षा में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में ऑफलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। यूपीटीईटी परीक्षा 2021 उत्तर प्रदेश के प्राथमिक तथा उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की पूर्ति के लिए कराई जाती है. UPTET 2021 ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ हो गए हैं इच्छुक अभ्यर्थियों को UPTET 2021 की अंतिम तारीख से पहले आवेदन अवश्य कर लेना चाहिए।

UPTET 2021 Exam Pattern In Hindi

पेपर -1

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास3030
भाषा प्रथम- हिंदी3030
भाषा द्धितीय – अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत3030
पर्यावरण अध्यन3030
गणित 3030
कुल150150

पेपर -2

विषयप्रश्नों की संख्याअंक
बाल विकास3030
भाषा प्रथम- हिंदी3030
भाषा द्धितीय – अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत3030
गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान6060
कुल150150

UPTET Syllabus 2021 In Hindi

UPTET Syllabus 2021 पाठ्यक्रम हिंदी में यहां पर दिया जा रहा है अभ्यर्थियों को यूपीटीईटी के लिए तैयारी करने से पहले नीचे दिए गए ऑफिशल नोटिफिकेशन से उद्धृत यूपीटीईटी सिलेबस के बारे में गहन अध्ययन कर लेना चाहिए –

UP TET Syllabus 2021 – प्राथमिक स्तर कक्षा 6 से कक्षा 8 तक के लिए

UPTET Syllabus 2021 – बाल विकास एवं शिक्षण विधियां ( 30 प्रश्न)

क. बाल विकास

  • बाल विकास: अर्थ, इसकी आवश्यकता तथा इसके क्षेत्र, बाल विकास की अवस्थाएं, शारीरिक एवं मानसिक, संवेगात्मक तथा भाषा विकास। अभिव्यक्ति क्षमता, सृजनात्मक एवं रचनात्मक क्षमता का विकास। बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक एवं उनका आधार।
  • सीखने का अर्थ तथा सिद्धांत: अधिगम का अर्थ प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम की प्रभावशाली विधियां। अधिगम के नियम- थार्नडाइक के सीखने का मुख्य नियम एवं अधिगम में उनका महत्व। अधिगम के प्रमुख सिद्धांत तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यवहारिक उपयोगिता, थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत, पावलव का संबंध प्रतिक्रिया का सिद्धांत,  स्किनर का क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धांत, कोहलर का सूर्या अंतर्दृष्टि सिद्धांत,  प्याजे का सिद्धांत,  सीखने का वक्र- अर्थ एवं प्रकार, सीखने में पठार का अर्थ और कारण एवं  निराकरण।
  • शिक्षण एवं शिक्षण विधाएं: शिक्षण का अर्थ एवं शिक्षण का सिद्धांत,  संप्रेषण, शिक्षण के सिद्धांत, शिक्षण के सूत्र, शिक्षण की प्रविधियां, शिक्षण की नवीन विधाएं, सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण के आधारभूत कौशल।
  • समावेशी शिक्षा- निर्देशन एवं परामर्श: शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय,  पहचान, प्रकार,  निराकरणयथा अप वंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता, मानसिक दक्षता। समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियां, टी एल एम एवं अभिवृत्तिया। बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियां जैसे ब्रेल लिपि आदि। समावेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श। परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग एवं संस्थाएं जैसे मनोविज्ञान शाला उत्तर प्रदेश प्रयागराज, मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र मंडल स्तर, जिला चिकित्सालय,  जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षित डाइट मेंटर, पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तंत्र, समुदाय एवं विद्यालय की सहयोगी समितियां, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन, बाल अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व।

ख. अधिगम और अध्यापन

  • बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं; बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल हो जाते हैं। 
  • अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएं; बालकों की अधिगम कार्य नीतियाँ: सामाजिक क्रिया-कलाप के रूप में अधिगम; अधिगम के सामाजिक संदर्भ। 
  • एक समस्या समाधान करता और एक वैज्ञानिक  अन्वेषकके रूप में बालक। 
  • बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की त्रुटियों को समझना।  बोध और संवेदनाएं। प्रेरणा और अधिगम। 
  • अधिगम में योगदान देने वाले कारक- निजी एवं पर्यावरणीय। 
UPTET Syllabus 2021: भाषा-I हिंदी ( 30 प्रश्न)

क. हिंदी भाषा

  • अपठित अनुच्छेद।
  • हिंदी वर्ण माला (स्वर एवं व्यंजन)
  • वर्णों के मेल से मात्रिक तथा अमात्रिक शब्दों की पहचान।
  • वाक्य रचना।
  • हिंदी की सभी ध्वनियों के पारस्परिक अंतर की जानकारी।
  • हिंदी भाषा की सभी ध्वनियों, वर्णो,  अनुस्वार, अनुनासिक एवं चंद्र बिंदु में अंतर।
  • संयुक्ताक्षर एवं अनुनासिक ध्वनियों के प्रयोग से बने शब्द।
  • सभी प्रकार की मात्राएं।
  • विलोम, समानार्थी, तुकांत, अतुकांत, समान ध्वनि वाले शब्द। 
  • संज्ञा, सर्वनाम, क्रिया एवं विशेषण के भेद।
  • वचन, लिंग एवं काल।
  • प्रत्यय, उपसर्ग, तत्सम, तद्भव व देशज शब्दों की पहचान एवं उनमें अंतर।
  • लोकोक्तियां एवं मुहावरे के अर्थ।
  • संधि: स्वर संधि– दीर्घ संधि, गुण संधि, वृद्धि संधि, यण संधि, अयादि संधि। व्यंजन संधि एवं: संधि।
  • वाच्य समाज एवं अलंकार के भेद।
  • कवियों एवं लेखकों की रचनाएं।

ख. भाषा विकास का अध्यापन

  • अधिगम और अर्जन।
  • भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका
  • मौखिक और लिखित रूप से विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श।
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ; भाषा के कठिनाइयाँ, त्रुटियां और विकास।
  • भाषा कौशल।
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियां और विकार।
  • अध्यापन- अधिगम सामग्रीयाँ: पाठ्य पुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषीय संसाधन।
  • उपचारात्मक अध्यापन। 
UPTET Syllabus 2021: भाषा-II English ( 30 प्रश्न)

क. अंग्रेजी

  • Unseen passage
  • Kind of sentence/Subject and predicate
  • Part of Speech: Noun, Pronoun, Adverb, Adjective, Verb, Preposition, Conjunction.
  • Tense- present, past, future.
  • Articles
  • Punctuations
  • Word formation
  • Active and Passive Voice
  • Singular and Plural
  • Gender
UPTET Syllabus 2021: भाषा-II उर्दू ( 30 प्रश्न)

क. हिंदी अनुच्छेद

  • अपठित अनुच्छेद
  • सही इमला एवं तलफ्फुज की मस्क।
  • मशहूर शायरों एवं अदीबो की हालाते जिंदगी
  • मुहावरे, 
  • विस्तार से जानने के लिए दिए गए पीडीएफ को डाउनलोड कर ले।
UPTET Syllabus 2021: भाषा-II  संस्कृत ( 30 प्रश्न)

क. व्याकरण

  • अपठित अनुच्छेद
  • संज्ञाएं –  अकारांत पुलिंग, अकारांत स्त्री लिंग, अकारांत नपुंसक लिंग, इकारांत स्त्री लिंग, उपकारांत पुलिंग, घर, परिवार, परिवेश, पशु पक्षियों, घरेलू उपयोग की वस्तुओं के संस्कृत नामों से परिचय।
  • सर्वनाम
  • क्रियाएं
  • शरीर के प्रमुख अंगो के संस्कृत शब्दों का प्रयोग।
  • अव्यय
  • संधि
  • संख्याएं – संस्कृत में संख्याओं का ज्ञान
  • लिंग, वचन, स्वर के प्रकार, व्यंजन के प्रकार, अनुस्वार एवं अनुनासिक व्यंजन।
  • स्वर, व्यंजन, समास, उपसर्ग, पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, कारक, प्रत्यय एवं  वाक्य।
  • कवियों एवं लेखकों की रचनाएं।

ख. भाषा विकास का अध्यापन:-

  • अधिगम एवं अर्जन।
  • भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका
  • मौखिक और लिखित रूप से विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक  संदर्श।
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ: भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ एवं  विकार।
  • भाषा कौशल
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना
  • अध्यापन- अधिगम सामग्रीयाँ:  पाठ्यपुस्तक मल्टीमीडिया सामग्री कक्षा का बहुआयामी संसाधन।
  • उपचारात्मक अध्यापन।
UPTET Syllabus 2021: गणित  ( 30 प्रश्न)

क. विषय- वस्तु

  • संख्याएँ एवं संख्याओं का जोड़, घटाना, गुणा, भाग। 
  • लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक । 
  • भिन्नों का जोड़, घटाना, गुणा एवं भाग। 
  • दशमलव -जोड़, घटाना, गुणा व भाग। 
  • ऐकिक नियम। 
  • प्रतिशत। 
  • लाभ-हानि। 
  • साधारण ब्याज । 
  • ज्यामिति-ज्यामितीय आकृतियाँ एवं पृष्ठ, कोण, त्रिभुज, वृत्त। 
  • धन (रूपया-पैसा)। 
  • मापन – समय, तौल, धारिता, लम्बाई एवं ताप। 
  • परिमिति (परिमाप) – त्रिभुत, आयत, वर्ग, चतुर्भुज। 
  • कैलेण्डर। 
  • आंकड़े। 
  • आयतन, धारिता-घन, घनाभ । 
  • क्षेत्रफल – आयत, वर्ग। 
  • रेलवे या बस समय-सारिणी। 
  • आंकड़ों का प्रस्तुतीकरण एवं निरूपण।

ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे :

  • गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति; बालक के चिंतन एवं तर्कशक्ति पैटर्नी तथा अर्थ निकालने और अधिगम 
  • की कार्य नीतियों को समझना। 
  • पाठ्यचर्या में गणित का स्थान। 
  • गणित की भाषा। 
  • सामुदायिक गणित। 
  • औपचारिक एवं अनौपचारिक पद्धतियों के माध्यम से मूल्यांकन। 
  • शिक्षण की समस्याएं। 
  • त्रुटि विश्लेषण तथा अधिगम एवं अध्यापन के प्रासंगिक पहलू। 
  • नैदानिक एवं उपचारात्मक शिक्षण ।
  • UPTET Syllabus 2021: पर्यावरणीय अध्ययन (विज्ञान, इतिहास, भूगोल, नागरिक शास्त्र एवं पर्यावरण) (30 प्रश्न )

क) विषय-वस्तु :

  • परिवार। 
  • भोजन, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता । 
  • आवास। 
  • पेड़-पौधे एवं जन्तु । 
  • हमारा परिवेश। 
  • मेला । 
  • स्थानीय पेशे से जुड़े व्यक्ति एवं व्यवसाय । 
  • जल। 
  • यातायात एवं संचार । 
  • खेल एवं खेल भावना । 
  • भारत -नदियाँ, पर्वत, पठार, वन, यातायात, महाद्वीप, एवं महासागर । 
  • हमारा प्रदेश-नदियाँ, पर्वत, पठार, वन, यातायात । 
  • संविधान । शासन व्यवस्था स्थानीय स्वशासन, ग्राम-पंचायत, नगर-पंचायत, जिला-पंचायत, नगर-पालिका, नगर-निगम, जिला-प्रशासन, प्रदेश की शासन व्यवस्था, व्यवस्थापिका, न्यायपालिका, कार्यपालिका, राष्ट्रीय पर्व, राष्ट्रीय-प्रतीक, मतदान, राष्ट्रीय एकता। पर्यावरण आवश्यकता, महत्व एवं उपयोगिता, पर्यावरण-संरक्षण, पर्यावरण के प्रति सामाजिक दायित्वबोध, पर्यावरण संरक्षण हेतु संचालित योजनाएँ । 

ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे :

  • पर्यावरणीय अध्ययन की अवधारणा और व्याप्ति । 
  • पर्यावरणीय अध्ययन का महत्व, एकीकृत पर्यावरणीय अध्ययन । 
  • पर्यावरणीय अध्ययन एवं पर्यावरणीय शिक्षा । 
  • अधिगम सिद्धांत । 
  • विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की व्याप्ति और संबंध । 
  • अवधारणा प्रस्तुत करने के दृष्टिकोण । 
  • क्रियाकलाप 
  • प्रयोग/व्यावहारिक कार्य । 
  • चर्चा | 
  • सतत् व्यापक मूल्यांकन। 
  • शिक्षण सामग्री/उपकरण । 
  • समस्याएं 
UPTET Syllabus 2021 Paper-II: बाल विकास एवं शिक्षण विधियां ( 30 प्रश्न)

क.विषय- वस्तु

  • बाल विकास: अर्थ, इसकी आवश्यकता तथा इसके क्षेत्र, बाल विकास की अवस्थाएं, शारीरिक एवं मानसिक, संवेगात्मक तथा भाषा विकास। अभिव्यक्ति क्षमता, सृजनात्मक एवं रचनात्मक क्षमता का विकास। बाल विकास को प्रभावित करने वाले कारक एवं उनका आधार।
  • सीखने का अर्थ तथा सिद्धांत: अधिगम का अर्थ प्रभावित करने वाले कारक, अधिगम की प्रभावशाली विधियां। अधिगम के नियम- थार्नडाइक के सीखने का मुख्य नियम एवं अधिगम में उनका महत्व। अधिगम के प्रमुख सिद्धांत तथा कक्षा शिक्षण में इनकी व्यवहारिक उपयोगिता, थार्नडाइक का प्रयास एवं त्रुटि का सिद्धांत, पावलव का संबंध प्रतिक्रिया का सिद्धांत,  स्किनर का क्रिया प्रसूत अधिगम सिद्धांत, कोहलर का सूर्या अंतर्दृष्टि सिद्धांत,  प्याजे का सिद्धांत,  सीखने का वक्र- अर्थ एवं प्रकार, सीखने में पठार का अर्थ और कारण एवं  निराकरण।
  • शिक्षण एवं शिक्षण विधाएं: शिक्षण का अर्थ एवं शिक्षण का सिद्धांत,  संप्रेषण, शिक्षण के सिद्धांत, शिक्षण के सूत्र, शिक्षण की प्रविधियां, शिक्षण की नवीन विधाएं, सूक्ष्म शिक्षण एवं शिक्षण के आधारभूत कौशल।
  • समावेशी शिक्षा- निर्देशन एवं परामर्श: शैक्षिक समावेशन से अभिप्राय,  पहचान, प्रकार,  निराकरणयथा अप वंचित वर्ग, भाषा, धर्म, जाति, क्षेत्र, वर्ण, लिंग, शारीरिक दक्षता, मानसिक दक्षता। समावेशन के लिए आवश्यक उपकरण, सामग्री, विधियां, टी एल एम एवं अभिवृत्तिया। बच्चों के लिए विशेष शिक्षण विधियां जैसे ब्रेल लिपि आदि। समावेशी बच्चों हेतु निर्देशन एवं परामर्श। परामर्श में सहयोग देने वाले विभाग एवं संस्थाएं जैसे मनोविज्ञान शाला उत्तर प्रदेश प्रयागराज, मंडलीय मनोविज्ञान केंद्र मंडल स्तर, जिला चिकित्सालय,  जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में प्रशिक्षित डाइट मेंटर, पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण तंत्र, समुदाय एवं विद्यालय की सहयोगी समितियां, सरकारी एवं गैर सरकारी संगठन, बाल अधिगम में निर्देशन एवं परामर्श का महत्व।

ख.अधिगम और अध्यापन

  • बालक किस प्रकार सोचते और सीखते हैं; बालक विद्यालय प्रदर्शन में सफलता प्राप्त करने में कैसे और क्यों असफल हो जाते हैं। 
  • अधिगम और अध्यापन की बुनियादी प्रक्रियाएं; बालकों की अधिगम कार्य नीतियाँ: सामाजिक क्रिया-कलाप के रूप में अधिगम; अधिगम के सामाजिक संदर्भ। 
  • एक समस्या समाधान करता और एक वैज्ञानिक  अन्वेषकके रूप में बालक। 
  • बालकों में अधिगम की वैकल्पिक संकल्पना, अधिगम प्रक्रिया में महत्वपूर्ण चरणों के रूप में बालक की त्रुटियों को समझना।  बोध और संवेदनाएं। प्रेरणा और अधिगम। 
  • अधिगम में योगदान देने वाले कारक- निजी एवं पर्यावरणीय। 
UPTET Syllabus 2021  Paper-II: भाषा-हिंदी ( 30 प्रश्न)

क.विषय- वस्तु

  • अपठित अनुच्छेद। संज्ञा एवं संज्ञा के भेद। 
  • सर्वनाम एवं सर्वनाम के भेद। 
  • विशेषण एवं विशेषण के भेद। 
  • क्रिया एवं क्रिया के भेद। 
  • वाच्य – कर्तृवाच्य, कर्मवाच्य, भाववाच्य हिन्दी भाषा की समस्त ध्वनियों, संयुक्ताक्षरों, संयुक्त व्यंजनो, एवं अनुस्वार एवं चन्द्रबिन्दु में अन्तर। 
  • वर्णक्रम, पर्यायवाची, विपरीतार्थक, अनेकार्थक, समानार्थी शब्द। 
  • अव्यय के भेद। 
  • अनुस्वार, अनुनासिक का प्रयोग। 
  • “र” के विभिन्न रूपों का प्रयोग। 
  • वाक्य निर्माण (सरल, संयुक्त एवं मिश्रित वाक्य)। 
  • विराम चिह्नों की पहचान एवं उपयोग। 
  • वचन, लिंग एवं काल का प्रयोग। 
  • तत्सम, तद्भव, देशज एवं विदेशी शब्द। 
  • उपसर्ग एवं प्रत्यय। 
  • शब्द युग्म। 
  • समास, समास विग्रह एवं समास के भेद। 
  • मुहावरे एवं लोकोक्तियाँ। 
  • क्रिया सकर्मक एवं अकर्मक। 
  • सन्धि एवं सन्धि के भेद। (स्वर, व्यंजन एवं विसर्ग सन्धियाँ)। 
  • अलंकार। (अनुप्रास, यमक, श्लेष, उपमा, रूपक, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति)

ख.भाषा विकास का अध्यापन:-

  • अधिगम और अर्जन।
  • भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका
  • मौखिक और लिखित रूप से विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक संदर्श।
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ; भाषा के कठिनाइयाँ, त्रुटियां और विकास।
  • भाषा कौशल।
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना: भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियां और विकार।
  • अध्यापन- अधिगम सामग्रीयाँ: पाठ्य पुस्तक, मल्टीमीडिया सामग्री, कक्षा का बहुभाषीय संसाधन।
  • उपचारात्मक अध्यापन। 
UPTET Syllabus 2021 Paper-II: भाषा-II English ( 30 प्रश्न)

क.विषय- वस्तु

  • Unseen Passage 
  • Nouns and its kinds 
  • Pronoun and its kinds 
  • Verb and its kinds 
  • Adjective and its kinds & Degrees 
  • Adverb and its Kinds 
  • Preposition and its kinds 
  • Conjunction and its kinds 
  • Intersection 
  • Singular and Plural 
  • Subject and Predicate 
  • Negative and interrogative sentences 
  • Masculine and Feminine Gender 
  • Punctuations 
  • Suffix with Root words 
  • Phrasal Verbs 
  • Use of Somebody, Nobody, Anybody 
  • Part of speech 
  • Narration 
  • Active voice and Passive voice 
  • Antonyms & Synonyms 
  • Use of Homophones 
  • Use of request in sentences 
  • Silent Letters in words 
UPTET Syllabus 2021 Paper-II: भाषा-II उर्दू ( 30 प्रश्न)

क.विषय- वस्तु

  • अपठित अनुच्छेद। 
  • ज़बान की फन्नी महारतों की जानकारी। 
  • मुखतलिफ असनाफे अदब हम्द, गज़ल, कसीदा, मर्सिया, मसनवी, गीत वगैरह की समझ एवं उनके फर्क को समझना। 
  • मुखतलिफ शायरों, अदीबों की हालाते जिन्दगी से वाकफियत एवं उनकी तसानीफ की जानकारी हासिल करना। 
  • मुल्क की मुश्तरका तहज़ीब में उर्दू जबान की खिदमत और अहमियत से वाकफियत हासिल करना। 
  • इस्म व उसके अक्साम, फेल, सिफत, ज़मीर, तज़कीरओं तानीस, तज़ाद की समझा। 
  • सही इमला एवं एराब की जानकारी होना। 
  • मुहावरे एवं जर्बुल अमसाल से वाफियत हासिल करना। 
  • सनअतों की जानकारी होना। 
  • सियासी, समाजी एवं एख्लाकी मसाइल के तई बेदार होना और उस पर अपना नजरिया वाज़े रखना। 
UP TET Syllabus 2021 Paper-II: भाषा-II  संस्कृत ( 30 प्रश्न)

क.विषय- वस्तु

  • अपठित अनुच्छेद
  • संज्ञाएं –  अकारांत पुलिंग, अकारांत स्त्री लिंग, अकारांत नपुंसक लिंग, इकारांत स्त्री लिंग, उपकारांत पुलिंग, घर, परिवार, परिवेश, पशु पक्षियों, घरेलू उपयोग की वस्तुओं के संस्कृत नामों से परिचय।
  • सर्वनाम
  • क्रियाएं
  • शरीर के प्रमुख अंगो के संस्कृत शब्दों का प्रयोग।
  • अव्यय
  • संधि
  • संख्याएं – संस्कृत में संख्याओं का ज्ञान
  • लिंग, वचन, स्वर के प्रकार, व्यंजन के प्रकार, अनुस्वार एवं अनुनासिक व्यंजन।
  • स्वर, व्यंजन, समास, उपसर्ग, पर्यायवाची शब्द, विलोम शब्द, कारक, प्रत्यय एवं  वाक्य।
  • कवियों एवं लेखकों की रचनाएं।

ख.भाषा विकास का अध्यापन:-

  • अधिगम एवं अर्जन।
  • भाषा अध्यापन के सिद्धांत
  • सुनने और बोलने की भूमिका
  • मौखिक और लिखित रूप से विचारों के संप्रेषण के लिए किसी भाषा के अधिगम में व्याकरण की भूमिका पर निर्णायक  संदर्श।
  • एक भिन्न कक्षा में भाषा पढ़ाने की चुनौतियाँ: भाषा की कठिनाइयाँ, त्रुटियाँ एवं  विकार।
  • भाषा कौशल
  • भाषा बोधगम्यता और प्रवीणता का मूल्यांकन करना
  • अध्यापन- अधिगम सामग्रीयाँ:  पाठ्यपुस्तक मल्टीमीडिया सामग्री कक्षा का बहुआयामी संसाधन।
  • उपचारात्मक अध्यापन।
UPTET Syllabus 2021 Paper-II: गणित एवं विज्ञान ( 60 प्रश्न)

क) विषय-वस्तु : गणित

  • प्राकृतिक संख्याएँ. पूर्ण संख्याएँ, परिमेय संख्याएँ । 
  • पूर्णाक, कोष्ठक लघुत्तम समापवर्त्य एवं महत्तम समापवर्तक । 
  • वर्गमूल। घनमूल। सर्वसमिकाएँ । 
  • बीजगणित, अवधारणा-चर संख्याएँ, अचर संख्याएँ, चर संख्याओं की घात। 
  • बीजीय व्यंजकों का जोड़, घटाना, गुणा एवं भाग, बीजीय व्यंजकों के पद एवं पदों के गुणांक, सजातीय एवं विजातीय पद, व्यंजकों की डिग्री, एक, दो एवं त्रिपदीय व्यंजकों की अवधारणा। 
  • युगपत समीकरण, वर्ग समीकरण, रेखीय समीकरण । 
  • समान्तर रेखाएँ, चतुर्भुज की रचनाएँ. त्रिभुज। 
  • वृत्त और चक्रीय चतुर्भुज। वृत्त की स्पर्श रेखाएँ। 
  • वाणिज्य गणित- अनुपात, समानुपात, प्रतिशतता, लाभ-हानि, साधारण ब्याज, चक्रवृद्धि ब्याज, कर (टैक्स), वस्तु विनिमय प्रणाली। 
  • बैंकिग-वर्तमान मुद्रा, बिल तथा कैशमेमो। 
  • सांख्यिकी- आंकड़ों का वर्गीकरण, पिक्टोग्राफ, माध्य, माध्यिका एवं बहुलक, बारम्बारता। 
  • पाई एवं दण्ड चार्ट, अवर्गीकृत आँकड़ों का चित्र। 
  • सम्भावना (प्रायिकता) ग्राफ, दण्ड, आरेख तथा मिश्रित दण्ड आरेख। 
  • कार्तीय तल। 
  • क्षेत्रमिति। (मेन्सुरेशन) 
  • घातांक।

(ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे: गणित

  • गणितीय/तार्किक चिंतन की प्रकृति। 
  • पाठ्यचर्या में गणित का स्थान। 
  • गणित की भाषा। 
  • सामुदायिक गणित। 
  • मूल्यांकन। 
  • उपचारात्मक शिक्षण। 
  • शिक्षण की समस्याएं 

(क) विषय-वस्तु : विज्ञान

  • दैनिक जीवन में विज्ञान, महत्वपूर्ण खोज, महत्व, मानव विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी। 
  • रेशे एवं वस्त्र, रेशों से वस्त्रों तक। (प्रक्रिया) 
  • सजीव, निर्जीव पदार्थ -जीव जगत, सजीवों का वर्गीकरण, जन्तु एवं वनस्पति के आधार पर 
  • पौधों का वर्गीकरण एवं जन्तुओं का वर्गीकरण, जीवों में अनुकूलन, जन्तुओं एवं पौधों में परिवर्तन। 
  • जन्तु की संरचना व कार्य। 
  • सूक्ष्म जीव एवं उनका वर्गीकरण। 
  • कोशिका से अंगतन्त्र तक। 
  • किशोरावस्था, विकलांगता। 
  • भोजन, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं रोग, फसल उत्पादन, नाइट्रोजन चक्र । 
  • जन्तुओं में पोषण। 
  • पौधों में पोषण, जनन, लाभदायक पौधे। 
  • जीवों में श्वसन, उत्सर्जन, लाभदायक जन्तु। 
  • मापन। 
  • विद्युत धारा। 
  • चुम्बकत्व। 
  • गति, बल एवं यंत्र। 
  • कम्प्यूटर। 
  • ध्वनि। 
  • स्थिर विद्युत। 
  • प्रकाश एवं प्रकाश यंत्र। 
  • वायु-गुण, संघटन, आवश्यकता, उपयोगिता, ओजोन परत, हरित गृह प्रभाव । 
  • जल – आवश्यकता, उपयोगिता, स्रोत, गुण, प्रदूषण, जल-संरक्षण। 
  • पदार्थ, पदार्थों के समूह, पदार्थों का पृथक्करण, पदार्थ की संरचना एवं प्रकृति। 
  • पास-पड़ोस में होने वाले परिवर्तन, भौतिक एवं रासायनिक परिवर्तन। 
  • अम्ल, क्षार, लवण। 
  • ऊष्मा एवं ताप। 
  • मानव निर्मित वस्तुएँ, प्लास्टिक, काँच, साबुन, मृतिका। 
  • खनिज एवं धातु। 
  • कार्बन एवं उसके यौगिक । 
  • ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोत। 

ख) अध्यापन संबंधी मुद्दे : विज्ञान

  • विज्ञान की प्रकृति और संरचना । 
  • प्राकृतिक विज्ञान/लक्ष्य और उद्देश्य । 
  • विज्ञान को समझना और उसकी सराहना करना । 
  • दृष्टिकोण/एकीकृत दृष्टिकोण | 
  • प्रेक्षण/प्रयोग/अन्वेषण। (विज्ञान की पद्धति) 
  • अभिनवता । 
  • पाठ्यचर्या सामग्री/सहायता-सामग्री । 
  • मूल्यांकन । 
  • समस्याएं । 
  • उपचारात्मक शिक्षण । 
UPTET Syllabus 2021 Paper-II: सामाजिक अध्ययन व अन्य : 60 प्रश्न 

क) विषय-वस्तु :

  1. इतिहास
  • इतिहास जानने के स्रोत। 
  • पाषाणकालीन संस्कृति, ताम्र पाषाणिक संस्कृति, वैदिक संस्कृति। 
  • छठी शताब्दी ई0पू0 का भारत। 
  • भारत के प्रारम्भिक राज्य। 
  • भारत में मौर्य साम्राज्य की स्थापना। 
  • मौर्येतरकालीन भारत, गुप्त काल, राजपूतकालीन भारत, पुष्यभूति वंश, दक्षिण भारत के राज्य।  
  • इस्लाम का भारत में आगमन। 
  • दिल्ली सल्तनत की स्थापना, विस्तार, विघटन । 
  • मुगल साम्राज्य, संस्कृति, पतन। 
  • यूरोपीय शक्तियों का भारत में आगमन एवं अंग्रेजी राज्य की स्थापना। 
  • भारत में कम्पनी राज्य का विस्तार । 
  • भारत में नवजागरण, भारत में राष्ट्रवाद का उदय। 
  • स्वाधीनता आन्दोलन, स्वतन्त्रता प्राप्ति, भारत विभाजन। 
  • स्वतन्त्र भारत की चुनौतियां। 
  1. नागरिक शास्त्र :
  • हम और हमारा समाज। 
  • ग्रामीण एवं नगरीय समाज व रहन सहन। 
  • ग्रामीण व नगरीय स्वशासन । 
  • जिला प्रशासन। 
  • हमारा संविधान। 
  • यातायात सुरक्षा। 
  • केन्द्रिय व राज्य शासन व्यवस्था। 
  • भारत में लोकतन्त्र। 
  • देश की सुरक्षा एवं विदेश नीति। 
  • वैश्विक समुदाय एवं भारत। 
  • नागरिक सुरक्षा। 
  • दिव्यांगता। 

III. भूगोल :

  • सौरमण्डल में पृथ्वी, ग्लोब- पृथ्वी पर स्थानों का निर्धारण, पृथ्वी की गतियाँ । 
  • मानचित्रण, पृथ्वी के चार परिमण्डल, स्थल मण्डल- पृथ्वी की संरचना, पृथ्वी के प्रमुख स्थलरूप । 
  • विश्व में भारत, भारत का भौतिक स्वरूप, मृदा, वनस्पति एवं वन्य जीव, भारत की जलवायु, भारत के आर्थिक संसाधन, यातायात, व्यापार एवं संचार । 
  • उत्तर प्रदेश -भारत में स्थान, राजनीतिक विभाग, जलवायु, मृदा, वनस्पति एवं वन्यजीव कृषि, खनिज उद्योग-धन्धे जनसंख्या, एवं नगरीकरण। 
  • धरातल के रूप, बदलने वाले कारक। (आंतरिक एवं वाहय कारक) 
  • वायुमण्डल, जलमण्डल। 
  • संसार के प्रमुख प्राकृतिक प्रदेश एवं जनजीवन । 
  • खनिज संसाधन, उद्योग-धन्धे। 
  • आपदा एवं आपदा प्रबन्धन। 
  1. पर्यावरणीय अध्ययन :
  • पर्यावरण, प्राकृतिक संसाधन एवं उनकी उपयोगिता। 
  • प्राकृतिक संतुलन । 
  • संसाधनों का उपयोग। 
  • जनसंख्या वृद्धि का पर्यावरण पर प्रभाव, पर्यावरण प्रदूषण। 
  • अपशिष्ट प्रबन्धन, आपदाएँ, पर्यावरणविद्, पर्यावरण के क्षेत्र में पुरस्कार, पर्यावरण दिवस, 
  • पर्यावरण कैलेण्डर। 
  1. गृहशिल्प/गृहविज्ञान :
  • स्वास्थ्य एवं स्वच्छता। 
  • पोषण, रोग एवं उनसे बचने के उपाय, प्राथमिक उपचार। 
  • खाद्य पदार्थों का संरक्षण। 
  • प्रदूषण। 
  • पाचन सम्बन्धी रोग एवं सामान्य बीमारियाँ । 
  • गृह प्रबन्धन, सिलाई कला, धुलाई कला, पाक कला, बुनाई कला, कढ़ाई कला। 
  1. शारीरिक शिक्षा एवं खेल :
  • शारीरिक शिक्षा, व्यायाम, योग एवं प्राणायाम। 
  • माचिंग, राष्ट्रीय खेल एवं पुरस्कार। 
  • छोटे एवं मनोरंजनात्मक खेल, अन्तर्राष्ट्रीय खेल। 
  • खेल और हमारा भोजन। 
  • प्राथमिक चिकित्सा। 
  • नशीले पदार्थों के दुष्परिणाम एवं उनसे बचाव का का उपाय, खेलकूद, खेल प्रबन्धन एवं नियोजन का महत्व। 

VII. संगीत :

  • स्वर ज्ञान। 
  • राग परिचय । 
  • संगीत में लय एवं ताल का ज्ञान। 
  • तीव्र मध्यम वाले राग। 
  • वन्दना गीत/झण्डा गान। 
  • देशगान, देशगीत, भजन। > वनसंरक्षण/वृक्षारोपण। > क्रियात्मक गीत । 

VIII. उद्यान विज्ञान एवं फलसंरक्षण :

  • मिट्टी, मृदा गठन, भू–परिष्करण, यंत्र, बीज, खाद उर्वरक । 
  • सिंचाई, सिचाई के यंत्र। 
  • बाग लगाना, विद्यालय वाटिका। 
  • झाड़ी एवं लताएँ, शोभा वाले पौधे, मौसमी फूल की खेती, फलों की खेती, शाक वाटिका, सब्जियों की खेती प्रवर्धन, कायिक प्रवर्धन फल परीक्षण, फल संरक्षण-जैम, जेली, सॉस, अचार बनाना 
  • जलवायु विज्ञान 
  • फसल चक्र 

ख) अध्यापन संबंधी मुददे :

  • सामाजिक अध्ययन की अवधारणा और पद्धति : 
  • कक्षा की प्रक्रियाएं, क्रियाकलाप और व्याख्यान । 
  • विवेचित चिंतन का विकास करना । पूछताछ/अनुभवजन्य साक्ष्य । 
  • सामाजिक विज्ञान/सामाजिक अध्ययन पढ़ाने की समस्याएं । 

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